*वन डिस्ट्रिक्ट टू प्रोडक्ट के तहत चम्पावत में लौह शिल्प व हिमालयन हनी को प्रोत्साहन दें– जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार

चम्पावत 16 जनवरी 2026,

*वन डिस्ट्रिक्ट टू प्रोडक्ट के तहत चम्पावत में लौह शिल्प व हिमालयन हनी को प्रोत्साहन दें– जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार*

*जिला उद्योग मित्र की बैठक में उत्पादन बढ़ाने, प्रशिक्षण उपलब्ध कराने और इंटीग्रेटेड मॉडल विकसित करने पर दिया गया जोर*

जनपद में औद्योगिक विकास को गति देने, निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान तथा स्थानीय उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला उद्योग मित्र की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में जिलाधिकारी ने वन डिस्ट्रिक्ट टू प्रोडक्ट योजना के अंतर्गत जनपद में लौह शिल्प एवं हिमालयन हनी (शहद) के उत्पादन को बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि इन उत्पादों को केवल सीमित क्षेत्रों तक सीमित न रखते हुए पूरे जनपद में इंटीग्रेटेड मॉडल के रूप में विकसित किया जाए। इसके लिए लोगों को आवश्यक प्रशिक्षण, संसाधन एवं तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए।

जिलाधिकारी ने महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र को निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत गुदमी, बनबसा में प्रस्तावित सिडकुल परियोजना हेतु वन भूमि स्थानांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। साथ ही बनबसा मास्टर प्लान में सिडकुल की रूपरेखा को अद्यतन (अपडेट) करने के भी निर्देश दिए गए।

लौह शिल्प को बढ़ावा देने के लिए जिलाधिकारी ने जनपद के काश्तकारों को अन्य जनपदों में भेजकर विशेष प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही शिल्पकारों के लिए मॉडल क्लस्टर विकसित करने तथा विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे वे-साइड एमेनिटीज विकसित करने के निर्देश दिए, जिन्हें स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से संचालित किया जाएगा, ताकि स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके।

बैठक में जनपद में च्यूरा उत्पादों को भी बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि च्यूरा आधारित उत्पादों को ब्रांडिंग और मार्केटिंग के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जाए।

निवेशकों की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी ने सभी विभागों को सख्त निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत को हल्के में न लिया जाए। उन्होंने कहा कि
“निवेश से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, ताकि निवेशकों का विश्वास मजबूत हो और जनपद में निवेश की संभावनाएं बढ़ें।”

जिलाधिकारी ने कहा चम्पावत जनपद के पास प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय उत्पादों की अपार संभावनाएं हैं। यदि हम इन उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाते हैं, तो न केवल जिले की पहचान बनेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आय के अवसर भी कई गुना बढ़ेंगे।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी श्री कृष्णनाथ गोस्वामी, वरिष्ठ कोषाधिकारी सीमा बंगवाल, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र पंकज तिवारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं उद्योगपति उपस्थित रहे।