राष्ट्रीय मध्यस्थता कार्यक्रम 2026: न्यायालय में लंबित मामलों का होगा निपटारा* *मध्यस्थता कार्यक्रम 2026: लंबित मामलों का सुलझाव, सुलह समझौते द्वारा।*

चम्पावत 22 जनवरी, 2026

*राष्ट्रीय मध्यस्थता कार्यक्रम 2026: न्यायालय में लंबित मामलों का होगा निपटारा*

*मध्यस्थता कार्यक्रम 2026: लंबित मामलों का सुलझाव, सुलह समझौते द्वारा।*

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चम्पावत द्वारा अवगत कराया गया है कि माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशानुसार माननीय उच्चतम न्यायालय के अधीन कार्यरत मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति (एमसीपीसी) की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर मध्यस्थता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।

यह कार्यक्रम 90 दिनों (जनवरी 2026 से मार्च 2026 तक) तक संचालित किया जा रहा है, जिसमें माननीय उच्च न्यायालय, जिला न्यायालय एवं तहसील/तालुका न्यायालय स्तर पर लंबित मामलों को “सुलह समझौता” मध्यस्थता के माध्यम से निपटाया जाएगा।

जनपद चम्पावत में जिला न्यायालय एवं बाह्य न्यायालय टनकपुर में विचाराधीन या लंबित किसी भी मामले वाले वादकारी जनवरी 2026 से मार्च 2026 तक संबंधित न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर अपने मामलों को मध्यस्थता से तय करवा सकते हैं।

मध्यस्थता के लिए विचारणीय मामलों की श्रेणियां निम्नलिखित हैं:-

वैवाहिक विवाद के मामले, मोटर दुर्घटना के मामले, घरेलू हिंसा के मामले, चेक बाउंस के मामले, बेदखली के मामले, विभाजन के मामले, भूमि अधिग्रहण के मामले, ऋण वसूली के मामले, वाणिज्यिक विवाद के मामले, सेवा संबंधित मामले, उपभोक्ता विवाद के मामले, आपराधिक समझौता योग्य मामले।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा जनपदवासियों से अपील की है कि उपरोक्त किसी भी श्रेणी का मामला न्यायालय में लंबित है या निस्तारण हेतु प्रस्तुत करना चाहते हैं, तो संबंधित न्यायालय के माध्यम से इसका लाभ उठाएं। इससे मामलों का त्वरित एवं समझौता-आधारित समाधान संभव होगा।