चम्पावत 06 जुलाई 2026,
*प्रधानमंत्री आवास योजना सत्यापन: छूटे हुए पात्रों को मिलेगा लाभ*
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अन्तर्गत पीएमएवाई-जी 2.0 की सूची को अद्यतन किए जाने की कार्यवाही राज्य में गतिमान है। इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी डॉ जीएस खाती ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में पीएमएवाई-जी 2.0 की सूची को अन्तिम रूप दिए जाने हेतु शासन द्वारा राज्य की समस्त ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा की बैठकों का आयोजन एवं योजनान्तर्गत जिला स्तरीय एपीलिएट कमेटी की बैठकें आयोजित की जाने निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि जनपद में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पूर्व में किए गए सर्वे के बाद वर्तमान में ग्राम सभाओं के माध्यम से सत्यापन (वेरिफिकेशन) का कार्य गतिमान है।
इस सम्बन्ध में मुख्य विकास अधिकारी डॉ खाती ने सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे यह सुनिश्चित कर ले कि कोई भी पात्र परिवार सर्वेक्षण से वंचित न हो।
सत्यापन प्रक्रिया के दौरान ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें कुछ पात्र व्यक्ति सूची में शामिल होने से छूट गए हैं या सर्वे के बाद भी उनका नाम सूची में प्रदर्शित नहीं हो रहा है। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन द्वारा त्वरित सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि कोई भी जरूरतमंद इस योजना के लाभ से वंचित न रहे।
उन्होंने इस संबंध में जिले के सभी ग्राम प्रधानों से विशेष अनुरोध किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे सभी मामलों को संकलित करें, जहां पात्र व्यक्ति छूट गए हैं। इन संकलित विवरणों को अविलंब पीडी डीआरडीए (परियोजना निदेशक, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण) कार्यालय में भेजने की व्यवस्था की जाए।
वहां से इन सभी प्रकरणों को आवश्यक कार्रवाई के लिए देहरादून स्थित डीआरडीए सेल, उत्तराखंड को प्रेषित किया जाएगा, ताकि उन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर अग्रतर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने स्पष्ट किया है कि इस प्रक्रिया को लेकर किसी भी नागरिक को परेशान या आशंकित होने की आवश्यकता नहीं है।
सरकार की स्पष्ट मंशा के अनुरूप प्रत्येक आवासविहीन और पात्र व्यक्ति को योजना के अंतर्गत हर हाल में आवास उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही, यदि सत्यापन के दौरान कोई ऐसा मामला सामने आता है जहां किसी अपात्र व्यक्ति का नाम गलती से पात्रता सूची में शामिल हो गया है, तो सभी ग्राम सभाओं से यह भी अपेक्षा की गई है कि वे अपने स्तर से समीक्षा कर ऐसे अपात्रों के नामों को सूची से हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित करें।

