चंपावत 31 अक्टूबर 2025,
*नाबार्ड की RIDF योजना के तहत चम्पावत में दो ग्रामीण सड़कों को ₹5.30 करोड़ की स्वीकृति*
ग्रामीण अवसंरचना विकास को गति देने तथा परियोजनाओं की प्रगति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, ग्रामीण अवसंरचना विकास निधि (RIDF) के अंतर्गत नाबार्ड (NABARD) द्वारा वित्तपोषित परियोजनाओं की समीक्षा बैठक शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) डॉ. जी.एस. खाती की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में चल रही परियोजनाओं की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया गया और आगामी योजनाओं पर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. खाती ने सभी कार्यान्वयन विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजनाओं की समयबद्ध पूर्णता और नियमित निगरानी हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन परियोजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है, उनकी पूर्णता रिपोर्ट बिना किसी विलंब के नाबार्ड को शीघ्र प्रेषित की जाए। साथ ही, आगामी वित्तीय वर्ष हेतु RIDF के अंतर्गत नए परियोजना प्रस्ताव तैयार कर समयबद्ध रूप से नाबार्ड को भेजे जाएं, ताकि जिले के विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहे।
इस अवसर पर नाबार्ड की जिला विकास प्रबंधक श्रीमती स्वाति कार्की ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए नाबार्ड द्वारा चंपावत जनपद में दो महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़क निर्माण परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत परियोजनाओं में चंपावत ब्लॉक की ग्राम बिरगुल से कैनूड़ा तक की सड़क और ग्राम रमेला से बलेश्वर तक की सड़क शामिल हैं। श्रीमती कार्की ने बताया कि इन दोनों परियोजनाओं को ग्रामीण निर्माण विभाग (RWD) के माध्यम से ₹529.99 लाख (लगभग ₹5.30 करोड़) की वित्तीय सहायता के साथ ट्रेंच 31 के अंतर्गत स्वीकृति मिली है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।
बैठक में अधिशासी अभियंता (ईई) लोक निर्माण विभाग एम सी पलड़िया, ग्रामीण निर्माण विभाग (RWD), जिला उद्यान अधिकारी हरीश कोहली, मुख्य पशुपालन अधिकारी डॉ वसुंधरा गर्ब्याल, सिंचाई, लघु सिंचाई, कृषि तथा जिला पंचायत सहित विभिन्न कार्यान्वयन विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



