हुड्डी नदी के जलभराव से राहत हेतु बड़े कदम, जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन बैठक में अहम निर्णय* *बरसाती संकट से निपटने की तैयारी, रिवर चैनलाइजेशन पर बनी सहमति*

चम्पावत 26 मार्च 2026,

*हुड्डी नदी के जलभराव से राहत हेतु बड़े कदम, जिलाधिकारी मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन बैठक में अहम निर्णय*

*बरसाती संकट से निपटने की तैयारी, रिवर चैनलाइजेशन पर बनी सहमति*

जिलाधिकारी एवं अध्यक्ष, जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वर्षा काल के दौरान हुड्डी नदी से होने वाले जलभराव से उत्पन्न होने वाली बाढ़ एवं उससे जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में बताया गया कि हुड्डी नदी से जलभराव के कारण जल वन एवं राजस्व क्षेत्रों से जुड़ते हुए व्यापक क्षेत्र में फैल जाता है, जिससे बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है।

बैठक में अवगत कराया कि इससे लगभग 15 किलोमीटर क्षेत्र में बरसात के दौरान भारी जल प्रवाह होता है, जिसमें लगभग 34,990 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया जाता है। इसके कारण आनंदपुर, देवपुरा, पचपखरिया आदि क्षेत्रों में भू-कटाव के साथ-साथ कृषि भूमि, भवनों एवं अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचता है, जिससे सीधे तौर पर लगभग 15 हजार की आबादी प्रभावित होती है।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्रभावित क्षेत्र में रिवर ड्रे‍सिंग एवं चैनलाइजेशन का कार्य कराया जाना अत्यंत आवश्यक है। इस कार्य से लगभग 15 हजार की आबादी को राहत मिलने की संभावना है।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि वन क्षेत्र में मौजूद मलबे का चुगान नहीं किया जाएगा, बल्कि उसका उपयोग केवल चैनलाइजेशन के लिए किया जाएगा तथा किसी भी प्रकार से उसका विक्रय नहीं किया जाएगा।

संबंधित कार्य सिंचाई एवं वन विभाग के माध्यम से, खनन नीति एवं आपदा प्रबंधन के प्रावधानों के अनुरूप संपादित किए जाएंगे।

बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री आनंद अधिकारी, पुलिस अधीक्षक श्रीमती रेखा यादव, प्रभागीय वनाधिकारी हल्द्वानी श्री हिमांशु बागड़ी, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जी.एस. खाती, अपर जिलाधिकारी श्री कृष्णनाथ गोस्वामी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी श्री देवेंद्र पटवाल, अधिशासी अभियंता सिंचाई श्री रघुवर भट्ट, श्री मनोज तिवारी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने भी इस कार्य को आवश्यक बताते हुए अपनी सहमति प्रदान की।

जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि प्रस्तावित कार्यों का शीघ्र सर्वे कराकर कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि आगामी वर्षा ऋतु से पूर्व प्रभावी कदम उठाए जा सकें।