बनबसा में उमड़ा जनसैलाब, नन्ही परी को न्याय दिलाने के लिए निकाला कैंडल मार्च

बनबसा में उमड़ा जनसैलाब, नन्ही परी को न्याय दिलाने के लिए निकाला कैंडल मार्च

बनबसा।
पिथौरागढ़ की नन्ही परी को न्याय दिलाने और दोषियों को सख़्त से सख़्त सज़ा दिलाने की मांग को लेकर शनिवार शाम बनबसा की सड़कों पर भारी जनसैलाब उमड़ा। मातृशक्ति, युवा शक्ति और बुजुर्गों ने कैंडल मार्च में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मुख्य वक्ता ललित कालोनी जी ने सैकड़ों की संख्या में आये जन समूह को संबोधित किया।

मार्च की शुरुआत पाटनी तिराहे से हुई जो मेन मार्केट होते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा के सामने से वापस पाटनी तिराहे तक निकला। इस दौरान हाथों में जलती मोमबत्तियाँ और न्याय की गूंजती आवाज़ों ने पूरे माहौल को भावुक और संकल्पित बना दिया।

लोगों ने नन्ही परी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि ऐसी अमानवीय घटनाओं के खिलाफ पूरे समाज को एकजुट होकर खड़ा होना होगा। दोषियों को जल्द से जल्द फाँसी जैसी कड़ी सज़ा देने की मांग ज़ोरों से उठी। कार्यक्रम संयोजक मनोज कश्यप ने जानकारी दी की कार्यक्रम गैर राजनीतिक और न्याय व्यवस्था के खिलाफ था। दलगत राजनीति से ऊपर उठकर बनबसा की जनता ने कशिश को न्याय दिलाने के लिए एक साथ सड़कों पर उतरे।

कैंडल मार्च के समापन पर बनबसा थानाध्यक्ष (SO) द्वारा राष्ट्रपति महोदय, भारत सरकार को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
कार्यक्रम में केसर सिंह खोलिया, हेम जोशी, ललित कुंवर, विक्रम बोरा, पीयूष थपलियाल, सावन चंद, शेखर जोशी, दीवान सिंह मेहता, राहुल कश्यप, सरोज चंद, प्रेम ज्याला, महेश चंद, राजू घोटा, प्रमिला ज्याला, शिव चंद, पवन मेहता, चिराग बिष्ट, अर्पित सोलंकी आदि लोग थे।