*जनपद चम्पावत में उत्कृष्ट अध्यापकों को किया जिलाधिकारी ने सम्मानित* *डॉ. मंजू बाला ने कहा – “काम और पेशे में समर्पण, इच्छाशक्ति और आस्था ज़रूरी है”*

चम्पावत 8 सितम्बर 2025,

*जनपद चम्पावत में उत्कृष्ट अध्यापकों को किया जिलाधिकारी ने सम्मानित*

*डॉ. मंजू बाला ने कहा – “काम और पेशे में समर्पण, इच्छाशक्ति और आस्था ज़रूरी है”*

जिला सभागार चम्पावत में आज एक गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने विद्यालयी शिक्षा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे जनपद के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया।

सम्मानित शिक्षकों में श्रीमती मंजूवाला, प्रधानाध्यापक रा०प्रा०वि० च्यूरानी, बाराकोट (राष्ट्रपति पुरस्कार-2025 से अलंकृत), श्री नरेश कुमार जोशी, स०अ० रा०उ०प्रा०वि० पासम, लोहाघाट तथा श्री प्रकाश चन्द्र उपाध्याय, स०अ० रा०उ०मा०वि० खूनाबोरा, लोहाघाट (शैलेश मटियानी पुरस्कार-2025 प्राप्त), श्री रविश कुमार पचौली, स०अ० रा०उ०प्रा०वि० बिसारी, पाटी तथा श्री देवेन्द्र सिंह, रा०प्रा०वि० फागपुर, चम्पावत (उत्कृष्ट शिक्षा सम्मान) शामिल रहे।

इस अवसर पर श्रीमती मंजूवाला ने अपने विचार रखते हुए कहा कि “दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत शिक्षकों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। शिक्षक केवल राष्ट्रनिर्माता ही नहीं बल्कि समाजनिर्माता भी होता है। कोई भी विभाग या पद छोटा नहीं होता, यदि उसमें समर्पण, इच्छाशक्ति और आस्था हो।”

जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे शिक्षक, जो दूरस्थ एवं सीमांत क्षेत्रों में भी शिक्षा की अलख जगाते हैं, वास्तव में नई पीढ़ी के भविष्य निर्माण में प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से ही समाज का समग्र विकास संभव है और इसमें अध्यापकों की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने सभी शिक्षकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि आपने अपने उत्कृष्ट कार्य और समर्पण से पद की गरिमा को बढ़ाया है, जो पूरे जनपद के लिए गौरव की बात है।

इस दौरान उपजिलाधिकारी श्री अनुराग आर्या, मुख्य चिकित्साधिकारी श्री देवेश चौहान, जिला शिक्षा अधिकारी श्री मान सिंह, श्री प्रकाश सिंह जंगपांगी सहित अन्य अधिकारी व जनसामान्य मौजूद रहे।