*योजनाओं की समीक्षा के साथ कार्यालय प्रबंधन सुधारने पर जिलाधिकारी का जोर* *अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं: निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने दिखाई सख्ती

चम्पावत 05 फरवरी, 2026

*योजनाओं की समीक्षा के साथ कार्यालय प्रबंधन सुधारने पर जिलाधिकारी का जोर*

*अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं: निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने दिखाई सख्ती*

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने आज जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय, बाल विकास परियोजना अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभागीय कार्यों एवं संचालित योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पटलवार कार्मिकों से विभागीय कार्यों और योजनाओं की स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कार्यालय में उपस्थित, विभिन्न अभिलेखों एवं रजिस्टरों की भी जांच की। इस दौरान जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी कर्मचारी समय से कार्यालय में उपस्थित रहें तथा बायोमैट्रिक प्रणाली पर अनिवार्य रूप से उपस्थिति दर्ज करें।

साथ ही कार्यालयाध्यक्ष को प्रतिदिन उपस्थिति पंजिका का अवलोकन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कार्यालय व्यवस्थाओं में कमियाँ पर जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। जिलाधिकारी ने कार्यालय कक्षों में बिखरी हुई सामग्री, अव्यवस्थित अभिलेख, जगह-जगह फैले विद्युत तार, कर्मचारियों के बैठने की समुचित व्यवस्था का अभाव, कक्षों की छत में सीलन एवं दीवारों की जर्जर स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की।

उन्होंने समस्त कार्यालय सामग्री एवं अभिलेख सुव्यवस्थित रखने, कर्मचारियों के बैठने हेतु कार्यसुलभ फर्नीचर की व्यवस्था करने, अव्यवस्थित विद्युत तारों को सुरक्षित ढंग से व्यवस्थित करने तथा कार्यालय परिसर में नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कक्षों की आवश्यक मरम्मत, रंग-रोगन एवं रखरखाव कार्य शीघ्र पूर्ण कराने को कहा।

निरीक्षण के दौरान एक कार्मिक कार्यालय समय में गुटखा सेवन करते पाया गया, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी चेतावनी देते हुए भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर दंडात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, राष्ट्रीय पोषण मिशन, नन्दा गौरा योजना तथा पालना केंद्र संचालन की प्रगति की जानकारी ली।

उन्होंने निर्देशित किया कि पालना केंद्रों में स्वीकृति के सापेक्ष कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों को बेहतर देखभाल एवं सुविधाएं मिल सकें।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कार्यालयों की कार्यसंस्कृति, स्वच्छता और अनुशासन में सुधार लाकर ही जनहितकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन संभव है।