डीएम की “फास्ट स्पीड” की कार्य संस्कृति ने जिले को 20 सूत्रीय कार्यक्रम में,उत्तराखंड को किया प्रथम पंक्ति में खड़ा।
टीवी मुक्त भारत अभियान में भी अभी जिला पहुंच गया है, राज्य के तीसरे पायदान में।
चंपावत। हम में कौन सी कमियां रह गई है कि राज्य स्तर पर संचालित होने वाले कार्यक्रम में मॉडल जिला चंपावत पीछे रह जाता है। यदि हमारी गति व मति आगे बढ़ने की होगी तो, हमें कौन पीछे पछाड़ सकता है? क्यों नहीं सभी कार्यक्रमों में मॉडल जिला चंपावत प्रदेश में पहली पंक्ति में खड़ा नहीं होता है? यह सवाल अपनी “विशिष्ट एवं क्विक एक्शन” की कार्य संस्कृति के लिए लोगों में अपनी अलग पहचान बना चुके जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अपना कार्यभार ग्रहण करने के बाद अफसरो की पहली मीटिंग में ही अपनी मंशा एवं दूरगामी सोच को जाहिर कर दिया था। जिसके अब परिणाम सामने आने लगे है। डीएम की “फास्ट स्पीड”एवं स्वयं 12 घंटे फील्ड में रहते हुए कार्य करने से अभी दो माह पूर्व ही 20 सूत्रीय कार्यक्रम में नौवे पायदान में खड़े मॉडल जिले ने सबको पछाड़कर पहले पायदान में पहुंच गया। इससे स्पष्ट है कि डीएम के नेतृत्व में विकास का पहिया “फास्ट स्पीड” पकड़ चुका है।
इसी प्रकार टीवी मुक्त उत्तराखंड की दौड़ में मॉडल जिले ने नैनीताल एवं रुद्रप्रयाग के बाद अपने को तीसरी पंक्ति में खड़ा कर दिया है। जिस दिन पाटी ब्लॉक के उपचाराधीन आधा दर्जन टीवी के रोगी स्वस्थ हो जाएंगे,उसी दिन मॉडल जिले का पाटी ब्लॉक राज्य स्तर में प्रथम पंक्ति में खड़ा हो जाएगा। वर्तमान में राज्य में पहला स्थान पाने के लिए गढ़वाल के सिनयाड़ी चौड़ ब्लॉक के साथ प्रतिस्पर्धा चल रही है। इधर एनीमिया मुक्त भारत कार्यक्रम में भी मॉडल जिले ने ऐसी दौड़ लगाई है जो पहला स्थान पाकर ही दम लेने वाली है। जिले के सभी विभागों में लगातार आगे बढ़ने की होड़ सी लगी हुई है। इसी का परिणाम है कि सभी लोग “फास्ट ईंजन” के साथ चल रहे हैं।
फोटो_ टीवी मुक्त भारत के अभियान में जुटा मॉडल जिले का स्वास्थ विभाग।

