गुदमी ग्रामसभा में मनरेगा कार्यों की जांच, ग्रामीणों में उम्मीद जगी

गुदमी ग्रामसभा में मनरेगा कार्यों की जांच, ग्रामीणों में उम्मीद जगी

चम्पावत, 19 सितंबर।
ग्रामसभा गुदमी में मनरेगा योजनाओं में बड़े पैमाने पर हुई वित्तीय अनियमितताओं को लेकर आज लोकपाल मनरेगा ने स्थलीय जांच शुरू कर दी। इस मौके पर ग्राम विकास अधिकारी तपन गड़कोटी, कनिष्ठ अभियंता, रोजगार सहायक सहित शिकायतकर्ता ललित कलौनी स्वयं मौजूद रहे।

जांच के दौरान गुदमी ग्रामसभा में बने मछली तालाब निर्माण, लारा खेत (भैंसाझाला) में बिना सीमेंट और रेत के बनी सीसी रोड और जल निकासी नाले का निर्माण का निरीक्षण किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि लाखों की योजनाओं का पैसा खर्च दिखाकर कार्य “कागजों पर पूरा” कर दिया गया। मौके पर यह भी पाया गया कि भैंसाझला में बनी सीसी रोड बिना सीमेंट, बिना रेत-बजरी और बिना गुणवत्ता वाली सामग्री के बनाई गई है, जिससे उसकी मजबूती पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि गुदमी ग्रामसभा के बजाय अन्य ग्रामसभाओं के निवासियों के नाम पर जॉब कार्ड बनाकर मजदूरी दी गई, और वृक्षारोपण कार्य में भी बाहरी लोगों को मजदूरी का लाभ पहुंचाया गया देखने में आया है कि मनरेगा के अधिकतर कामों में गांव से बाहर के लोगों को मजदूरी दी गई है । जबकि गुदमी के ग्रामीण बेरोजगार बैठे रह गए।

ग्रामीणों का आरोप है कि पूर्व ग्राम प्रधान विनीता राणा के कार्यकाल में योजनाओं को केवल कागज़ पर ही पूरा दिखा दिया गया, जबकि वास्तविकता में कार्य अधूरे और घटिया निकले।

ग्रामसभा में पहली बार इतनी गहन जांच होने से ग्रामीणों में उम्मीद जगी है। लेकिन इसी शिकायत के दूसरे पक्ष पर अब एक दूसरी जांच टीम भी अलग अधिकारियों की मौजूदगी में आने वाली है।
ग्रामीणों ने साफ कहा है – “यदि इस बार भी दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो हमें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।”

लोकपाल मनरेगा की रिपोर्ट जल्द ही जिलाधिकारी चम्पावत को सौंपी जाएगी, जिसके बाद अगली जांच टीम भी मौके पर पहुंचेगी। ग्रामीणों का मानना है कि लगातार हो रही जांचों से यह साफ हो गया है कि मामला बेहद गंभीर है और इसे दबाया नहीं जा सकेगा।