*देवभूमि से शुरू हुए पं० पन्त जी के विचार, सदैव रहेंगे प्रासंगिक – जिलाधिकारी* *भारत रत्न पं० गोविन्द बल्लभ पन्त जी की 138वीं जयंती पर श्रद्धांजलि एवं विचार गोष्ठी*

चम्पावत, 10 सितम्बर 2025,

*देवभूमि से शुरू हुए पं० पन्त जी के विचार, सदैव रहेंगे प्रासंगिक – जिलाधिकारी*

*भारत रत्न पं० गोविन्द बल्लभ पन्त जी की 138वीं जयंती पर श्रद्धांजलि एवं विचार गोष्ठी*

भारत रत्न पं० गोविन्द बल्लभ पन्त जी की 138वीं जयंती जनपद चम्पावत में श्रद्धा एवं गरिमा के साथ मनाई गई। जनपद के सभी कार्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों में प्रातः 9:30 बजे पं० पन्त जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में प्रातः 10 बजे जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने पं० पन्त जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी श्री जयवर्धन शर्मा सहित अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर पं० पन्त जी को नमन किया।

इसके उपरांत गौरलचौड़ स्थित अमृत वाटिका में पं० पन्त जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस अवसर पर मा० उपाध्यक्ष, वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति, उत्तराखण्ड सरकार श्री श्याम नारायण पाण्डे, नगर पालिका अध्यक्षा श्रीमती प्रेमा पांडे, जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार, विधायक प्रतिनिधि श्री प्रकाश तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गोविंद सामंत, कार्यक्रम संयोजक श्री शंकर दत्त पांडे सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर पं० पन्त जी को नमन किया।

गौरलचौड़ मैदान स्थित ऑडिटोरियम में पं० पन्त जी के जीवन एवं विचारों पर आधारित संक्षिप्त विचार गोष्ठी का आयोजन हुआ। इस अवसर पर राजकीय बालिका इण्टर कॉलेज, चम्पावत की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में पं० पन्त जी के जीवन एवं योगदान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसे उपस्थित जनसमूह ने अत्यंत रुचि के साथ देखा।

नगर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र – छात्राओं द्वारा जी.आई.सी. चौक से अमृत वाटिका, गौरलचौड़ तक प्रभात फेरी निकाली गई। बच्चों ने राष्ट्रप्रेम एवं पं० पन्त जी के आदर्शों पर आधारित नारों और गीतों से वातावरण को प्रफुल्लित किया और जनमानस को जागरूक किया।

कार्यक्रम के संयोजक श्री शंकर दत्त पांडे ने ऑडिटोरियम में आयोजित विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए पं० पन्त जी की जीवनी और उनके राष्ट्र एवं समाजहित में किए गए योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमें उनके जीवन से प्रेरणा लेकर निस्वार्थ भाव से कार्य करना चाहिए।

इस अवसर पर जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि “पंडित गोविन्द बल्लभ पन्त जी केवल व्यक्तित्व नहीं, बल्कि एक विचार हैं। उनके विचार सदियों तक समाज को मार्गदर्शन देते रहेंगे। इन विचारों की शुरुआत देवभूमि उत्तराखण्ड से हुई और हमें उन्हें आत्मसात कर अपने जीवन में उतारने का संकल्प लेना चाहिए।”

इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेश चौहान, जिला पंचायतराज अधिकारी श्री भूपेंद्र कुमार, अपर परियोजना निदेशक सुश्री विम्मी जोशी, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल सहित अन्य अधिकारी – कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।