*माँ पूर्णागिरि मेले में सुरक्षा और स्वच्छता सर्वोपरि: मेला मजिस्ट्रेट के सख्त निर्देश, अग्नि सुरक्षा व सात्विक भोजन अनिवार्य*

चम्पावत 21 मार्च 2026,

*माँ पूर्णागिरि मेले में सुरक्षा और स्वच्छता सर्वोपरि: मेला मजिस्ट्रेट के सख्त निर्देश, अग्नि सुरक्षा व सात्विक भोजन अनिवार्य*

ग्रीष्मकालीन माँ पूर्णागिरि मेले के सुचारु, सुरक्षित एवं स्वच्छ आयोजन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मेला मजिस्ट्रेट डॉ. ललित मोहन तिवारी द्वारा समस्त भण्डारा संचालकों, दुकानदारों, होटल एवं धर्मशाला स्वामियों तथा श्रद्धालुओं के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मेले की गरिमा, श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं धाम की पवित्रता बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

मेला मजिस्ट्रेट ने निर्देशित किया कि ग्रीष्मकाल में आग लगने की संभावनाओं को देखते हुए प्रत्येक भण्डारे एवं दुकान में अग्नि सुरक्षा उपकरणों की अनिवार्य व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

साथ ही, माँ पूर्णागिरि धाम की धार्मिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए भण्डारों में प्याज एवं लहसुन का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा तथा श्रद्धालुओं को केवल सात्विक भोजन ही प्रसाद स्वरूप वितरित किया जाएगा।

स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने हेतु सभी भण्डारा स्वामियों, दुकानदारों एवं प्रतिष्ठान संचालकों को अपने-अपने परिसर के बाहर कूड़ेदान रखने तथा कूड़ा निस्तारण की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे कूड़ा इधर-उधर न फेंकें और निर्धारित कूड़ेदानों का ही उपयोग करें, ताकि पावन धाम की स्वच्छता बनी रहे।

सुरक्षा की दृष्टि से श्रद्धालुओं को सख्त हिदायत दी गई है कि वे यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार के शॉर्टकट मार्ग का प्रयोग न करें और केवल निर्धारित मुख्य मार्ग से ही आवागमन करें। चूंकि मंदिर क्षेत्र घने जंगल में स्थित है, जहां वन्यजीवों की उपस्थिति संभावित रहती है, अतः यात्रियों को अकेले न चलकर समूह में यात्रा करने की सलाह दी गई है। साथ ही जंगल क्षेत्र में बीड़ी-सिगरेट का प्रयोग कर उन्हें जलती अवस्था में फेंकने पर सख्त प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि आग लगने की घटनाओं को रोका जा सके।

प्रशासनिक स्तर पर वन विभाग के बीट अधिकारियों को नियमित गश्त करने तथा अग्निशमन विभाग एवं एसडीआरएफ टीमों को पूर्ण सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने हेतु टैक्सी संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी भी स्थिति में नशे की अवस्था में वाहन न चलाएं, निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाएं तथा वाहनों को केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें।

यातायात प्रभारी को नियमित निगरानी के माध्यम से यातायात व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मेला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया कि संपूर्ण मेला क्षेत्र एवं मंदिर परिसर में मदिरापान एवं किसी भी प्रकार का नशा पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से अपील की कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए माँ पूर्णागिरि मेले को सुरक्षित, स्वच्छ एवं अनुशासित बनाने में सहयोग प्रदान करें।