*जिलाधिकारी ने की एनकोर्ड समिति की समीक्षा”* *नशा मुक्त चंपावत का संकल्प: जिलाधिकारी ने दिए ग्राम स्तर तक अभियान चलाने के निर्देश*

चंपावत 16 फरवरी 2026,

*जिलाधिकारी ने की एनकोर्ड समिति की समीक्षा”*

*नशा मुक्त चंपावत का संकल्प: जिलाधिकारी ने दिए ग्राम स्तर तक अभियान चलाने के निर्देश*

मुख्यमंत्री की प्राथमिकताओं के अनुरूप जनपद को नशा मुक्त बनाने की दिशा में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय एनकोर्ड (NCORD) समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मादक पदार्थों के उन्मूलन, तस्करी और इनके सेवन पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनपद को नशे के जाल से बाहर निकालने के लिए पुलिस, आबकारी, स्वास्थ्य, शिक्षा और समाज कल्याण जैसे सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ एक सामूहिक मिशन के रूप में कार्य करना होगा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नशे के विरुद्ध लड़ाई को केवल कागजों तक सीमित न रखकर इसे जमीनी स्तर पर ले जाया जाए, जिसके लिए ग्राम सभाओं के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता अभियान संचालित किए जाएंगे।
नशे पर की गई सख्त कार्रवाई का विवरण देते हुए बैठक में बताया गया कि 1 जनवरी 2026 से 15 फरवरी 2026 में एनडीपीएस एक्ट के तहत 06 अभियोग दर्ज कर 05 अभियुक्तों को जेल भेजा गया है। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने लगभग 13 लाख 48 हजार रुपये मूल्य की 3.718 किग्रा चरस और 20.13 ग्राम की स्मैक/हीरोइन बरामद की है। साथ ही वर्ष 2025 में कार्रवाई के तहत 1211 नाली क्षेत्र में फैली भांग की खेती को नष्ट किया गया।
जिलाधिकारी ने युवाओं को इस दलदल से बचाने के लिए स्कूल-कॉलेजों में निरंतर संवाद और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के साथ-साथ हाईवे, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों जैसे संवेदनशील स्थानों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि नशाखोरी के विरुद्ध शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल-फ्री नंबर 1933 और ‘मानस पोर्टल’ का उपयोग किया जा सकता है, जहाँ शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग को नशा मुक्ति केंद्रों की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि नशा मुक्त उत्तराखंड और नशा मुक्त भारत का सपना तभी साकार होगा जब प्रशासन के साथ-साथ हर नागरिक इसे अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझेगा।

बैठक में अपर जिलाधिकारी कृष्णा नाथ गोस्वामी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान, मुख्य शिक्षा अधिकारी मेहरबान सिंह बिष्ट सहित अन्य जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहे।