उस स्थान की स्वच्छता को देखकर ही लोग दूर से आइडिया लगा लेते हैं कि यहां के लोगों का व्यक्तित्व कैसा होगा ? जिलाधिकारी मरीजों को लेकर ही चिकित्सालय का अस्तित्व होता है। उनके जीवन को बचाने के लिए हर संभव किए जाने चाहिए प्रयास।

उस स्थान की स्वच्छता को देखकर ही लोग दूर से आइडिया लगा लेते हैं कि यहां के लोगों का व्यक्तित्व कैसा होगा ? जिलाधिकारी

मरीजों को लेकर ही चिकित्सालय का अस्तित्व होता है। उनके जीवन को बचाने के लिए हर संभव किए जाने चाहिए प्रयास।

लोहाघाट। आज सुबह अचानक उप जिला चिकित्सालय के वार्ड रूम में ट्रैक सूट पहनकर रोगियों का आत्मिय भाव में हाल-चाल पूछने एवं वार्ड की सफाई व्यवस्था देखने वाले व्यक्ति के बारे में रोगियों को बाद में पता चला कि वह जिलाधिकारी मनीष कुमार है। दरअसल जिलाधिकारी ने आज चंपावत, लोहाघाट नगरों की स्वच्छता व्यवस्था, चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं को परखने के लिए अपना आकस्मिक कार्यक्रम बनाया था। नगर में उन्हें रोज की तरह स्वच्छता कर्मियों से सफाई कराते अध्यक्ष गोविंद वर्मा और ईओ सौरभ नेगी मिल गए। नगर में कोई डस्टबिन नहीं है यहां दोनों ही समय हर जगह गाना बजाता हुआ कूड़ा ढोने वाले वाहन को ही लोग प्रयोग करते आ रहे हैं। अब गलियों का कूड़ा ढोने के लिए छोटा वाहन आने से और सुविधा मिल गई है। जिलाधिकारी ने कहा स्वच्छता ही किसी स्थान, संस्थान एवं प्रतिष्ठा का ऐसा दर्पण होता है, जिसे देखकर वहां रहने वालों के व्यक्तित्व का दूसरे लोग अंदाजा लगाते हैं।
तेज तर्रार एवं आम लोगों की सुध लेने वाले जिलाधिकारी के नगर में आने की सूचना मिलने पर प्रशासनिक अमला भी सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी ने उप जिला चिकित्सालय में स्वच्छता व्यवस्था देखने के साथ शौचालय, डिलीवरी रूम, पेशेंट वार्ड, ट्रामा सेंटर, पुराने क्षतिग्रस्त महिला चिकित्सालय का भवन आदि को भी देखा। अस्पताल में भर्ती रोगियों से अपना मानवीय रिश्ता जोड़ते हुए उनका हाल-चाल जाना। सीएमएस डॉ विराज राठी ने उन्हें चिकित्सालय की ज्वलंत समस्याएं बताई। जिलाधिकारी ने नगर व चिकित्सालय की स्वच्छता व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए स्वच्छता व्यवस्था को उस स्थान का दर्पण बताया। उन्होंने कहा चिकित्सालय का रंग रोगन करने के साथ यहां वह सभी उपाय किए जाएंगे जो मरीज के जीवन को बचाने के लिए आवश्यक होते हैं। उन्होंने चिकित्सालय से सभी अनावश्यक पोस्टर हटाने को भी कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीज को लेकर ही अस्पताल का अस्तित्व होता है। यदि रोगी ही नहीं आएंगे तो फिर अस्पताल का महत्व ही समाप्त हो जाएगा। उन्होंने सीएमएस को चिकित्सालय की आवश्यकताओं के प्रस्ताव भेजने को कहा। इस अवसर पर बाद में तहसीलदार जगदीश सिंह नेगी भी पहुंच गए थे। जिलाधिकारी ने कहा पुराने महिला चिकित्सालय भवन को तोड़कर वहां नया भवन बनाया जाएगा।

फोटो – चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान वहां सीएमएस को आवश्यक निर्देश देते जिलाधिकारी।