चम्पावत, 23 जून 2026
*जनपद में दुग्ध उत्पादन, गुणवत्ता एवं विपणन को मिल रही नई दिशा*
जनपद में स्थानीय दुग्ध उत्पादकों को मिल रहा आर्थिक संबल।
मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के आदर्श चम्पावत के विजन तथा जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के मार्गदर्शन में जनपद चम्पावत में डेरी विकास विभाग द्वारा दुग्ध उत्पादन एवं विपणन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जा रहा है।
दुग्ध संघ चम्पावत के प्रबंधक श्री जी.एस. राणा ने जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 तक जनपद में 247 दुग्ध समितियां कार्यरत थीं, जिनके माध्यम से औसत दैनिक दुग्धोपार्जन 14,640 किलोग्राम दर्ज किया गया। इसी अवधि में 8,277 लीटर दुग्ध का विपणन किया गया।
उन्होंने बताया कि विभागीय प्रयासों के फलस्वरूप वित्तीय वर्ष 2025-26 में कार्यरत दुग्ध समितियों की संख्या बढ़कर 266 हो गई तथा औसत दैनिक दुग्धोपार्जन 16,807 किलोग्राम तक पहुंच गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 14.80 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार दुग्ध विपणन भी बढ़कर 8,962 लीटर हो गया।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में दुग्ध उत्पादन में और अधिक वृद्धि के उद्देश्य से डेरी विकास विभाग द्वारा गंगा गाय महिला डेरी योजना संचालित की जा रही है। योजना के अंतर्गत 62 उन्नत नस्ल के दुधारू पशुओं की खरीद कराई जा रही है, जिससे दुग्ध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है।
इसके अतिरिक्त दुग्ध उत्पादकों को दुग्ध मूल्य प्रोत्साहन योजना के तहत 4 रुपये प्रति लीटर की दर से प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा रही है। इस योजना से न केवल दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि दुग्ध की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
प्रबंधक श्री राणा ने बताया कि राष्ट्रीय कार्यक्रम डेयरी विकास (NPDD) योजना के अंतर्गत जनपद में 28 नई दुग्ध समितियों का गठन किया जा रहा है। नई समितियों के गठन, दुग्ध उत्पादक सदस्यों की संख्या में वृद्धि तथा दुग्ध उत्पादकों को योजनाओं के माध्यम से दुधारू पशु उपलब्ध कराए जाने से आगामी वर्षों में दुग्धोपार्जन में आशातीत वृद्धि होने की संभावना है।
दुग्ध विपणन को सुदृढ़ बनाने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में दुग्ध विक्रय एजेंटों की संख्या बढ़ाने का भी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वर्तमान में जनपद में 120 दुग्ध विक्रय एजेंट कार्यरत हैं तथा इस वर्ष कम से कम 20 नए एजेंट जोड़े जाने का प्रस्ताव है। इससे दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की बिक्री में गत वर्ष की अपेक्षा उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि चम्पावत दुग्ध संघ द्वारा स्थानीय स्तर पर पहाड़ी घी के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए भी आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। इससे पहाड़ी घी के विपणन में वृद्धि होगी तथा स्थानीय दुग्ध उत्पादकों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
डेरी विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं नवाचारों के माध्यम से जनपद चम्पावत में दुग्ध उत्पादन, गुणवत्ता एवं विपणन को नई दिशा मिल रही है, जिससे दुग्ध उत्पादकों की आय में वृद्धि के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।

