मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की बड़ी सौगात: तामली पेयजल योजना हेतु ₹1 करोड़ की पहली किस्त जारी*

चम्पावत 21 मई, 2026

*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की बड़ी सौगात: तामली पेयजल योजना हेतु ₹1 करोड़ की पहली किस्त जारी*

*तामली मल्टी विलेज पेयजल योजना को मिली ₹14.57 करोड़ की स्वीकृति, सीमांत गांवों में अब घर-घर पहुंचेगा स्वच्छ पेयजल*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनपद चम्पावत के सीमांत एवं दूरस्थ क्षेत्रों को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।

मुख्यमंत्री घोषणा संख्या 628/2024 के अंतर्गत तामली मल्टी विलेज (बहु-ग्रामीण) पंपिंग पेयजल योजना को ₹1457.21 लाख (लगभग ₹14.57 करोड़) की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

माननीय मुख्यमंत्री श्री धामी ने योजना के त्वरित क्रियान्वयन हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹1 करोड़ की प्रथम किस्त भी अवमुक्त कर दी है।

यह महत्वाकांक्षी योजना सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

योजना के क्रियान्वयन से तामली, पोलप, बचकोट एवं नाग सहित लगभग 21 किलोमीटर क्षेत्रफल में बसे गांवों के 400 से अधिक परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। अब इन दुर्गम और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को नियमित, स्वच्छ एवं निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराया जा सकेगा।

राज्य सरकार की इस दूरदर्शी पहल के अंतर्गत अत्याधुनिक लिफ्ट (पंपिंग) आधारित पेयजल प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में जलापूर्ति व्यवस्था को स्थायी एवं मजबूत बनाया जा सके। योजना में तकनीकी रूप से व्यापक सुधार किए जा रहे हैं। वर्तमान में उपलब्ध 0.68 किलोमीटर लंबी राइजिंग मेन लाइन को बढ़ाकर 4.38 किलोमीटर तक विस्तारित किया जाएगा, जबकि 4.18 किलोमीटर लंबी सप्लाई मेन लाइन को बढ़ाकर 7.80 किलोमीटर तक विकसित किया जाएगा। इससे जल वितरण प्रणाली अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं दीर्घकालिक बन सकेगी।

व्यय वित्त समिति द्वारा अनुमोदित इस परियोजना में ₹1349.04 लाख की पूंजीगत लागत तथा ₹108.17 लाख का सेंटेज शुल्क शामिल है। योजना का निर्माण एवं क्रियान्वयन उत्तराखंड पेयजल निगम द्वारा किया जाएगा।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि योजना की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी ताकि ग्रामीणों को जल्द से जल्द योजना का लाभ मिल सके। उन्होंने संबंधित कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में उच्च गुणवत्ता मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए और कार्यों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण किया जाए।