ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी अनुपालन हेतु जिलाधिकारी के सख्त निर्देश, लापरवाही पर होगी कठोर कार्रवाई*

चम्पावत 10 मई 2026,

*ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों के प्रभावी अनुपालन हेतु जिलाधिकारी के सख्त निर्देश, लापरवाही पर होगी कठोर कार्रवाई*

माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्देशों के क्रम में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने जनपद के सभी नगर निकायों एवं संबंधित विभागों को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता व्यवस्था एवं कूड़ा निस्तारण से जुड़े मानकों की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी ने शहरी विकास निदेशालय, उत्तराखंड द्वारा जारी निर्देशों का हवाला देते हुए बताया कि माननीय एनजीटी में योजित वाद संख्या 606/2018 के अंतर्गत आगामी महत्वपूर्ण सुनवाई 15 मई 2026 को प्रस्तावित है। इसके दृष्टिगत जनपद के सभी नगर निकायों को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरणीय सुधार कार्यों तथा स्वच्छ भारत मिशन से संबंधित अद्यतन अनुपालन रिपोर्ट निर्धारित समयावधि में निदेशालय को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।

उन्होंने निर्देशित किया कि कूड़ा निस्तारण एवं अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित आंकड़ों की रिपोर्टिंग पूरी पारदर्शिता एवं सत्यता के साथ की जाए। किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अपूर्ण डेटा अथवा रिपोर्ट प्रस्तुत करने में देरी को गंभीर लापरवाही माना जाएगा।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि माननीय एनजीटी द्वारा निर्धारित समय-सीमा का प्रत्येक दशा में अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई जाती हैं, तो इसे शासन के आदेशों की अवहेलना एवं दायित्वों के निर्वहन में गंभीर शिथिलता माना जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का प्रभावी पालन जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से अत्यंत आवश्यक है।