*अवशेष व चालू कार्यों हेतु धनराशि इस प्रकार आवंटित की जाए की कार्य चालू वित्तीय वर्ष में ही हो जाए पूर्ण।*

चंपावत 02 मई 2025, सूवि।

*अवशेष व चालू कार्यों हेतु धनराशि इस प्रकार आवंटित की जाए की कार्य चालू वित्तीय वर्ष में ही हो जाए पूर्ण।*

वित्तीय वर्ष 2025-26 की जिला योजना तैयार करने का काम तेजी से किया जा रहा है। यह योजना जिले की ज़रूरतों को ध्यान में रखकर बनाई जाएगी, ताकि ज़मीनी स्तर पर विकास हो सके।

जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी दीप्तकीर्ति तिवारी ने कहा कि जिलाधिकारी नवनीत पांडे के निर्देशानुसार जनपद स्तर पर जिला योजना संरचना के दृष्टिगत जिला योजना संरचना के कार्यों को विशेष महत्त्व प्रदान करते हुए जिले की आवश्यकताओं / प्रतिबद्धताओं का गहन परीक्षण कर जिला योजना तैयार की जा रही है।

निर्माण से सम्बन्धित नवीन कार्य योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु कार्यदायी संस्थाओं के चयन हेतु विभाग की स्वतन्त्रता होगी यदि किसी कारणवश विभाग को कोई परेशानी अथवा कठिनाई आती है तो सम्बन्धित विभाग द्वारा कार्यदायी संस्थाओं के चयन हेतु जिलाधिकारी से अनुमोदन कराया जा सकता है तथा नवीन कार्य योजनाओं का चयन, कार्यान्वयन, मूल्यांकन एवं अनुश्रवण स्थानीय अधिकारियों तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकतानुसार सक्रिय सहयोग से ही किये जाये। उन्होंने कहा कि एक विभाग एक ही कार्यदायी संस्था का चयन करें अपरिहार्य परिस्थिति में ही दूसरी कार्यदायी संस्था का चयन करें।

जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी ने बताया कि जिला योजना संरचना में 3.00 लाख की कुल लागत से कम की योजनाओं को जिला योजना में सम्मिलित न किया जाए। जिला योजना में ऐसी योजनाओं / कार्यों का ही चयन किया जाए जिन कार्यों को उसी वित्तीय वर्ष या अधिकतम 02 वर्ष में पूर्ण किया जा सके कदापि योजना को तृतीय वर्ष में न ले जाया जाए।

साथ ही अवशेष / चालू कार्यों हेतु सर्वप्रथम धनराशि इस प्रकार आवंटित की जाए, ताकि उक्त कार्य वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूर्ण हो जाय।

पुराने चालू कार्यों हेतु अवशेष धनराशि आवंटित किये जाने के उपरान्त ही 3.00 लाख से अधिक की धनराशि के नये कार्य चयनित किये जायें।