*ज्ञानखेड़ा में अवैध उपखनिज परिवहन व भण्डारण पर कार्रवाई, ₹7.35 लाख का अर्थदण्ड* *अवैध उपखनिज रिटेल भण्डारण पर जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई*

चम्पावत 01 जनवरी, 2025

*ज्ञानखेड़ा में अवैध उपखनिज परिवहन व भण्डारण पर कार्रवाई, ₹7.35 लाख का अर्थदण्ड*

*अवैध उपखनिज रिटेल भण्डारण पर जिला प्रशासन की सख्त कार्रवाई*

जिला खान अधिकारी चित्रा जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम ज्ञानखेड़ा, तहसील पूर्णागिरी, जनपद चम्पावत क्षेत्रान्तर्गत स्वीकृत तीन उपखनिज रिटेल भण्डारण स्थलों का दिनांक 30 दिसम्बर को राजस्व विभाग एवं भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण किया गया।

उपजिलाधिकारी श्री आकाश जोशी, जिला खान अधिकारी चित्रा जोशी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारियों एवं कर्मचारीयों की उपस्थिति में आयोजित निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पाँच वर्ष की अवधि हेतु शर्तों के अधीन स्वीकृत तीनों उपखनिज रिटेल भण्डारण स्थलों पर अनुज्ञा की शर्तों के विपरीत न तो चाहरदीवारी/कवर्ड फेंसिंग का निर्माण किया गया है और न ही धर्मकांटा स्थापित पाया गया।

स्थलीय निरीक्षण एवं पैमाईश के दौरान प्रथम भण्डारण स्थल पर लगभग 09 टन उपखनिज पाया गया, जबकि विभागीय आई०डी० में 174.23 टन उपखनिज अंकित है, द्वितीय स्थल पर 3713.4 टन उपखनिज पाया गया जबकि विभागीय आई०डी० में 3974.8 टन अंकित है तथा तृतीय स्थल पर 6537.6 टन उपखनिज पाया गया जबकि विभागीय आई०डी० में 3364.55 टन उपखनिज अंकित है।

इस प्रकार प्रथम एवं द्वितीय स्थलों से उपखनिज का अवैध परिवहन तथा तृतीय स्थल पर अवैध उपखनिज भण्डारण किया जाना पाया गया।

उक्त अनियमितताओं के दृष्टिगत उत्तराखण्ड खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण का निवारण) (चतुर्थ संशोधन) नियमावली, 2024 के अन्तर्गत क्रमशः ₹32,964/-, ₹69,561/- एवं ₹6,33,024/- कुल ₹7,35,549/- (रूपये सात लाख पैंतीस हजार पाँच सौ उनचास मात्र) का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है।

इसके साथ ही संबंधित भण्डारण संचालकों को निर्देशित किया गया है कि नियमानुसार सभी भण्डारण स्थलों पर खनिज भण्डारण की ऊँचाई से न्यूनतम 01 मीटर अधिक ऊँचाई की चाहरदीवारी/कवर्ड फेंसिंग का निर्माण कर धर्मकांटा स्थापित किये जाने की सूचना फोटोग्राफ सहित 15 दिवस के भीतर कार्यालय भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, चम्पावत को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, अन्यथा की स्थिति में प्रचलित नियमों के अन्तर्गत अग्रेतर विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।