सीमांत सेवा फाउंडेशन ने 7378 मरीजों का निःशुल्क उपचार, 1540 लोगों को बांटे निःशुल्क चश्मे

सीमांत सेवा फाउंडेशन ने 7378 मरीजों का निःशुल्क उपचार, 1540 लोगों को बांटे निःशुल्क चश्मे

सीमांत सेवा फाउंडेशन ने बनबसा में पूर्णागिरि निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाकर 7378 मरीजों का उपचार कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया। 19 मार्च से 29 मार्च 2026 तक आयोजित इस 11 दिवसीय शिविर में हजारों श्रद्धालुओं, स्थानीय निवासियों और नेपाल से आए नागरिकों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं।
शिविर के दौरान कुल 7378 मरीजों ने उपचार प्राप्त किया। इसके साथ ही 1021 लैब और शुगर परीक्षण किए गए, जबकि 3010 लोगों की रक्तचाप जांच की गई। वहीं 22 मरीजों का ईसीजी भी किया गया। चिकित्सकीय सेवाओं के अंतर्गत 107 ड्रेसिंग, 54 टीटी इंजेक्शन, 44 डाइक्लोफेनाक इंजेक्शन, 15 ओन्डिरोन इंजेक्शन, 8 पेरिनॉर्म और 4 पीसीएम इंजेक्शन लगाए गए।
आपातकालीन सेवाओं के तहत 7 मरीजों को आईवी फ्लूड और 2 मरीजों को नेब्युलाइजर सुविधा प्रदान की गई।
शिविर की विशेष उपलब्धि नेत्र सेवा रही, जहां 1540 लोगों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए, जबकि 3000 से अधिक लोगों की आंखों की जांच की गई।

शिविर के संयोजक ललित सिंह कुंवर ने श्री राममूर्ति मेडिकल कॉलेज बरेली का चिकित्सकों के सहयोग के लिए, आरती ड्रग्स लिमिटेड और माइक्रो लैब्स लिमिटेड का दवाइयों के सहयोग हेतु, तथा ISSA फाउंडेशन और जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग चम्पावत का शिविर की व्यवस्थाओं में सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
उन्होंने बताया कि इस शिविर में उत्तर प्रदेश के लखनऊ, बाराबंकी, कानपुर, हरदोई, बहराइच और लखीमपुर जैसे दूर-दराज क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं के साथ-साथ बनबसा और खटीमा के स्थानीय निवासियों तथा नेपाल के नागरिकों ने भी बड़ी संख्या में लाभ प्राप्त किया।
शिविर में स्थानीय युवाओं ने भी बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई। इनमें पीयूष थपलियाल, चंदन बिष्ट, राहुल कश्यप, विक्रम बोरा, वंश मिश्रा, भुवन उपाध्याय, सृष्टि, मनोज कश्यप, लक्ष्मी कश्यप सहित अन्य युवाओं ने सक्रिय सहयोग देकर इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह शिविर केवल एक चिकित्सा सेवा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है। सीमांत सेवा फाउंडेशन द्वारा किए गए इस प्रयास ने सीमावर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को काफी हद तक दूर किया है और भविष्य में ऐसे आयोजनों की आवश्यकता को और अधिक मजबूत किया है।
इस शिविर में रोड एक्सीडेंट के कारण अनेक गंभीर चोट लगे, खाना बनाने के दौरान जलने के साथ ही, दस्त व उल्टी के कारण बेहोशी की हालत में पहुंचे मरीज देखने को मिले साथ ही मिर्गी व अन्य दौरे वाले भी कुछ मरीजों का उपचार किया गया ।