चम्पावत, 04 जून 2026
*जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सहकारी विकास समिति की बैठक सम्पन्न*
*सहकारिता को सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने पर जोर*
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय सहकारी विकास समिति (DCDC) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं, पैक्स (PACS) के सुदृढ़ीकरण, अन्न भंडारण, डिजिटल सेवाओं तथा कृषि एवं पशुपालन से संबंधित गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने नवगठित समितियों का शीघ्र बैंक संबंधीकरण सुनिश्चित करने तथा जून माह के अंत तक सभी पैक्स के कंप्यूटरीकरण का कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने 30 जून तक सभी समितियों का ई-ऑडिट कराने, जैविक खेती को प्रोत्साहित करने तथा एनपीए को 5 प्रतिशत से कम रखने के लिए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा।
अन्न भंडारण योजना की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विभाग द्वारा तैयार डीपीआर की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में इसकी मासिक समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने समितियों के माध्यम से एग्री-स्टैक एवं एसआईआर से संबंधित कार्यों को गति देने पर भी बल दिया। साथ ही गत वर्ष गठित एवं निष्क्रिय हुई समितियों का अद्यतन विवरण उपलब्ध रखने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सहकारी समितियों एवं पैक्स को मजबूत बनाकर ही जिले में समावेशी आर्थिक विकास को गति दी जा सकती है। उन्होंने प्रत्येक ग्राम को किसी न किसी सहकारी समिति अथवा पैक्स से आच्छादित करने तथा समितियों को अधिक सक्रिय एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया। उन्होंने खाली पड़े सरकारी भवनों का उपयोग अन्न भंडारण केंद्रों के रूप में करने तथा निष्क्रिय समितियों को पुनर्जीवित कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सहायक निबंधक सहकारिता प्रेम प्रकाश ने बताया कि जनपद की सभी 23 एमपैक्स का ई-डिस्ट्रिक्ट पंजीकरण शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से विद्युत एवं जल बिल भुगतान, ऑनलाइन आवेदन, प्रिंटिंग सहित विभिन्न डिजिटल सेवाएं संचालित की जा रही हैं।
मुख्य कृषि अधिकारी धनपत कुमार ने बताया कि जनपद चम्पावत भारत सरकार की फर्टिलाइजर सेल एप्लीकेशन सिस्टम योजना अंतर्गत पायलट जिला के रूप में चयनित है।अतः उर्वरक वितरण प्रणाली के लिए नई व्यवस्था के अंतर्गत किसान आधार सत्यापन के बाद अग्रिम रूप से उर्वरक बुक कर सकेंगे तथा अपनी सुविधा अनुसार वितरण केंद्र का चयन कर पाएंगे। क्यूआर कोड आधारित इस प्रणाली से उर्वरक वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित एवं किसान हितैषी बनेगी।
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि संबंधित विभागों के साथ नियमित बैठकें आयोजित कर सहकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की सतत समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, मुख्य कृषि अधिकारी श्री धनपत कुमार, सहायक निबंधक सहकारिता श्री प्रेम प्रकाश, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल, जिला प्रबंधक नाबार्ड श्रीमती स्वाति कार्की सहित सम्बंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

