आदर्श चम्पावत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम: जनपद के 22 आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण हेतु निःशुल्क भूमि हस्तान्तरण को मंजूरी*

चंपावत 20 जून, 2026,

*आदर्श चम्पावत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम: जनपद के 22 आंगनबाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण हेतु निःशुल्क भूमि हस्तान्तरण को मंजूरी*

माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी की ‘आदर्श चम्पावत’ की परिकल्पना को धरातल पर साकार करने और जनपद को हर क्षेत्र में मॉडल जिला बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक और बड़ा कदम उठाया है।

जनपद चम्पावत के अंतर्गत संचालित ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र जिनके पास अपने स्वयं के भवन निर्माण के लिए विभागीय भूमि उपलब्ध नहीं थी, उनके लिए जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के विशेष प्रयासों और निर्देशों के क्रम में बड़ी राहत दी गई है। लोक प्रयोजन तथा बच्चों व महिलाओं के कल्याण को सर्वोपरि रखते हुए जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 22 आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण हेतु भूमि के निःशुल्क हस्तान्तरण और नामान्तरण की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। मुख्यमंत्री जी के विजन के अनुरूप सीमांत क्षेत्र के बच्चों को बेहतर परिवेश और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य है।

यह समस्त भूमि शासनादेश के प्रावधानों और कड़े नियमों व शर्तों के अधीन “महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, उत्तराखण्ड शासन” के नाम निःशुल्क हस्तान्तरित की जा रही है, जिससे ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं के विकास से जुड़ी बुनियादी योजनाओं व ढांचे को मजबूती से धरातल पर उतारा जा सके। भूमि हस्तान्तरण की इस प्रक्रिया के अंतर्गत जनपद की विभिन्न तहसीलों और राजस्व ग्रामों को शामिल किया गया है। इसमें तहसील पूर्णागिरी (टनकपुर) के टनकपुर और मनिहारगोठ के साथ-साथ चम्पावत तहसील के पुनावे, सेलाखोला, कनलगाँव, डडाबिष्ट, त्यारकुड़ा, खेतारनरियल, चम्पावत, नादंबोरा, मटेला, सिमियाउरी (आमनी-बिरगोला), सिप्टी और जायड़ शामिल हैं। इसी प्रकार पाटी तहसील के अंतर्गत आने वाले डुंगराकोट, भाम लग्गा मूलाकोट, पाटी, गगराड़, बोराचापड़, कानीकोट ल० चौड़ागूंठ, लड़ा, चौड़ाकोट तथा चम्पावत के पोलप क्षेत्र में आंगनबाड़ी केन्द्रों के सुचारू संचालन और नवीन भवनों के निर्माण के लिए भूमि आवंटित की गई है। इस ऐतिहासिक निर्णय से इन सभी क्षेत्रों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है, जो ‘आदर्श चम्पावत’ के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।

इस महत्वपूर्ण आवंटन को लेकर जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने सम्बन्धित उप जिलाधिकारियों (चम्पावत, पूर्णागिरी और पाटी) को निर्देशित किया है कि वे स्वीकृत की गई इस भूमि का “महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग” के नाम पर निःशुल्क नामान्तरण एवं हस्तान्तरण का इन्द्राज अविलम्ब भू-अभिलेखों में दर्ज कराना सुनिश्चित करें ताकि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो सके।