चम्पावत, 08 अगस्त
*मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के सीमांत विकास के विजन को मिल रही मजबूती*
*मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत चम्पावत में वर्ष 2026 -27 हेतु 50 योजनाओं के लिए 9.53 करोड़ तथा एमपीआरवाई की 8 योजनाओं के लिए 94.26 लाख रुपये स्वीकृत*
माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के सीमांत क्षेत्रों के समग्र एवं संतुलित विकास के संकल्प के अनुरूप जनपद चम्पावत में मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम (MBADP) के अंतर्गत विकास कार्यों को निरंतर गति दी जा रही है। इसी क्रम में जनपद के सीमांत क्षेत्रों हेतु वर्ष 2026 -27 के लिए 50 योजनाओं हेतु 9.53 करोड़ रुपये की शासन से स्वीकृति प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (एमपीआरवाई) (MPRY) के अंतर्गत 8 योजनाओं के लिए 94.26 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशन में स्वीकृत योजनाओं के प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। योजनाओं के माध्यम से सीमांत क्षेत्रों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अवस्थापना सुविधाओं के विकास, कौशल प्रशिक्षण तथा आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम के अंतर्गत सीमावर्ती जनपदों से प्राप्त त्रिवर्षीय एवं वार्षिक कार्ययोजनाओं का राज्य स्तरीय स्क्रीनिंग कमेटी (SLSC) द्वारा परीक्षण एवं अनुमोदन किया जाता है। योजनाओं का चयन करैक्शन एवं कन्वर्जेंस के आधार पर किया जाता है, जिससे विभिन्न विभागों एवं योजनाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए सीमांत क्षेत्रों की प्राथमिक आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा सके।
स्वीकृत योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन से सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने, युवाओं के कौशल विकास, स्थानीय रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने तथा आजीविका के साधनों को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। इससे सीमांत क्षेत्रों में विकास की गति बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने संबंधित अधिकारियों को स्वीकृत योजनाओं का कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने योजनाओं की नियमित निगरानी करने, कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा स्वीकृत धनराशि का प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ सीमांत क्षेत्र के ग्रामीणों तक पहुंच सके।
माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा सीमांत क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता देते हुए सड़क, पेयजल, अवस्थापना, कौशल विकास, आजीविका एवं रोजगार से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास कार्यक्रम इस दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
जनपद चम्पावत में स्वीकृत 58 योजनाओं के माध्यम से कुल 10.47 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को गति मिलेगी। इससे सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार, युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों में वृद्धि तथा क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

