चंपावत 21अगस्त 2026,
*मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में चम्पावत में इंटर लॉकिंग मार्ग निर्माण कार्यों हेतु ₹4.37 करोड़ से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति जारी, प्रथम किस्त के रूप में ₹2.62 करोड़ से अधिक की धनराशि विमुक्त*
प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा चम्पावत विधानसभा क्षेत्र के विकास एवं ग्रामीण अवसंरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ग्राम विकास विभाग हेतु की गई घोषणा के क्रियान्वयन की दिशा में शासन द्वारा महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने बताया कि जनपद चम्पावत के विभिन्न ग्राम पंचायतों में इंटर लॉकिंग मार्ग निर्माण से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों के लिए ₹437.87 लाख (चार करोड़ सैंतीस लाख सत्तासी हजार रुपये) की कुल वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
इसके साथ ही, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में इन विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से 60 प्रतिशत प्रथम किस्त के रूप में ₹262.722 लाख (दो करोड़ बासठ लाख बहत्तर हजार दो सौ रुपये) की धनराशि विमुक्त कर दी गई है।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने बताया कि इस स्वीकृति के अंतर्गत जनपद की विभिन्न ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर मार्ग निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इसके तहत ग्राम पंचायत बनबसा में इंटर लॉकिंग मार्ग निर्माण (1.56 किमी) हेतु ₹85.14 लाख स्वीकृत किए गए हैं, जिसकी प्रथम किस्त ₹51.084 लाख जारी हुई है।
ग्राम पंचायत थ्वालखेड़ा में इंटर लॉकिंग मार्ग निर्माण (1.30 किमी) हेतु ₹93.25 लाख स्वीकृत कर ₹55.95 लाख की प्रथम किस्त दी गई है।
ग्राम पंचायत सैलानीगोठ में इंटर लॉकिंग मार्ग निर्माण (1.20 किमी) हेतु ₹95.47 लाख स्वीकृत कर ₹57.282 लाख विमुक्त किए गए हैं।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत गेंडाख्याली में पंचायत घर से मोहन जोशी के घर तक इंटर लॉकिंग मार्ग निर्माण (1.01 किमी) हेतु ₹79.74 लाख स्वीकृत कर ₹47.844 लाख की प्रथम किस्त स्वीकृत की गई है।
साथ ही, ग्राम पंचायत उचोलीगोठ में तान सिंह महर के घर से प्रदीप महर के घर तक इंटर लॉकिंग मार्ग निर्माण (1.55 किमी) हेतु ₹84.27 लाख स्वीकृत करते हुए ₹50.562 लाख की धनराशि प्रथम किस्त के रूप में जारी की गई है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि समस्त स्वीकृत कार्य निर्धारित समय-सारणी के अनुसार समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि संबंधित कार्यदायी संस्था के साथ निर्धारित प्रपत्रों पर अनुबंध (MoU) हस्ताक्षरित कर वित्तीय नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। कार्यों में किसी भी प्रकार का विलंब या लागत वृद्धि स्वीकार नहीं की जाएगी तथा कार्य स्थलों पर पारदर्शी व्यवस्था हेतु स्थायी सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे।
मा0 मुख्यमंत्री कार्यालय को इन विकास कार्यों की प्रगति आख्या नियमित रूप से प्रेषित की जाएगी ताकि क्षेत्रवासियों को आवागमन की बेहतर सुविधा ससमय मिल सके।

