चंपावत 23 मई
*जिलाधिकारी के अध्यक्षता में संपन्न हुई जिला गंगा संरक्षण समिति एवं SARRA की बैठक, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश*
*भगीरथ मोबाइल ऐप के माध्यम से जनपद वासी अपलोड कर सकते है सूख चुके जल स्रोतों का डाटा:जिलाधिकारी*
जिलाधिकारी/ अध्यक्ष जिला गंगा संरक्षण समिति नवनीत पांडे द्वारा जिला कार्यालय सभागार में नमामि गंगे अंतर्गत गठित जिला स्तरीय गंगा समिति एवं SAARA (स्प्रिंग रिवर रिजुवनेशन अथॉरिटी) परियोजना के अंतर्गत जल संरक्षण अधिनियम- 2025 के क्रियान्वयन हेतु रूपरेखा निर्धारण किए जाने के संबंध में एक बैठक ली गई।
जिला गंगा समिति की बैठक की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी द्वारा पूर्व में दिए गए निर्देशों के क्रम में कृत कार्यवाही पर चर्चा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने नगर पालिका तथा नगर पंचायत से संबंधित सभी अधिकारियों को सीवरेज व बायोमेडिकल निस्तारण, ठोस कूड़ा निस्तारण तथा जैव चिकित्सा अपशिष्ट निस्तारण पर गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिलाधिकारी ने जिला गंगा समिति के अधिकारियों से चर्चा करते हुए वर्तमान में उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी लेने के साथ ही जनपद के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर नदियों में दूषित जल, अपशिष्ट कचरा तथा अन्य प्रकार की गंदगी प्रवाहित करने पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश सम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को दिये।
जिलाधिकारी ने समस्त नगर निकायों, ग्राम पंचायतों , जिला पंचायत एवं खण्ड विकास अधिकारियो को अपने-अपने क्षेत्रातर्गत निरन्तर साफ सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी द्वारा SAARA (स्प्रिंग रिवर रिजुवनेशन अथॉरिटी) परियोजना के अंतर्गत जल संरक्षण अभियान- 2025 के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गई।
उन्होंने बताया कि SARRA का मुख्य उद्देश्य राज्य में अधिकाधिक वर्षा जल को संरक्षित करना तथा विभिन्न जल एवं मृदा संरक्षण तकनीकों जैसे चेक डैम आदि द्वारा जल स्रोतों एवं वर्षा आधारित नदियों में जल उत्सर्जन एवं प्रवाह में वृद्धि करना तथा जल मापन एवं अनुश्रवण किए जाने हेतु स्थानीय जन समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सतत उपयोग करना है।
इसके अतिरिक्त वर्तमान तक जनपद चंपावत द्वारा भगीरथ मोबाईल एप में 98 जल स्रोतों को ग्रामवासियों द्वारा अपलोड किया गया है,
जिलाधिकारी ने उक्त संबंध में सभी संबंधित विभाग के अधिकारियों को इसके अंतर्गत अपने-अपने विभागों का उत्तर शीघ्र अति शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने पेयजल निगम को उन बोरिंग को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं जहां भूमिगत पानी नहीं आ रहा है। इसके अतिरिक्त उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी को 498 चिन्हित किए गए प्राकृतिक जल स्रोतों में से ऐसे जल स्रोतों को चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं जो पिछले 15-20 सालों में पूर्णतया सूख गए हैं जहां कभी पहले पानी हुआ करता था।
इसके अतिरिक्त उन्होंने नलकूप विभाग को 5 दिनों के भीतर मैदानी इलाकों में क्रिटिकल भूजल वाले स्थलों को चिन्हित कर डाटा प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं
इसके अलावा बैठक में चंपावत के सूख रहे जल स्रोतों एवं वर्षा आधारित सहायक नदियों/धाराओं के उपचार हेतु जिला स्तरीय कार्यकारणी समिति सारा के सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने “SAARA” के सदस्य अधिकारियों को जल स्रोतों को पुनः रिचार्ज (जीवित) करने हेतु तथा जल संसाधनों के संरक्षण हेतु विशेष अभियान एवं सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संरक्षण एवं जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने हेतु सभी प्रकार की आवश्यक गतिविधियों के बारे में जानकारी ली।
*जिलाधिकारी द्वारा जनपद के लोगों अपील करते हुए कहा कि सभी लोग भगीरथ ऐप के माध्यम से अपने स्थानीय क्षेत्रों में महत्वपूर्ण और संकटग्रस्त जल स्रोतों की रिपोर्ट इस के माध्यम से अपलोड कर सकते है। इस ऐप को ऐसे डिज़ाइन किया गया है कि एक बार पहचान हो जाने के बाद, सरकार उनके पुनरुद्धार और संरक्षण की दिशा में काम करेगी।*
उन्होंने सभी संबंध संबंधित अधिकारियों को कहा कि एक सप्ताहांतर्गत इस संबंध में पुनः बैठक की जाएगी। बैठक में सभी संबंधित विभाग के पास जो भी डाटा प्राप्त हो रहा है वह विभाग निर्धारित प्रारूप में भरकर बैठक में प्रेषित कर विस्तार पूर्वक उसकी जानकारी देंगे।
समीक्षा के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी नवीन चंद्र पंत, मुख्य विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह, मुख्य कृषि अधिकारी धनंजय कुमार, जिला विकास अधिकारी दिनेश सिंह दिगारी, जिला पंचायती राज अधिकारी उमेद जोला, अधिशासी अभियंता जल संस्थान बिलाल यूनुस, अधिशासी अभियंता पेयजल निगम वी के पाल, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई, सहायक परियोजना निदेशक विमी जोशी, भूमि एवं मृदा संरक्षण अधिकारी हिमांशु जोशी, डीपीओ नमामि गंगे विनोद जोशी, खंड विकास अधिकारी चंपावत अशोक अधिकारी, लोहाघाट कवींद्र रावत सहित अन्य उपस्थित रहे।


