*“पारदर्शी पहल, प्रभावी परिणाम: चम्पावत में योजनाओं का दिखा जमीनी असर”* *“जन-जन की सरकार का जमीनी असर: चम्पावत में पशुपालन योजनाओं से सशक्त हुए 31 लाभार्थी”

चम्पावत 22 अप्रैल 2026,

*“पारदर्शी पहल, प्रभावी परिणाम: चम्पावत में योजनाओं का दिखा जमीनी असर”*

*“जन-जन की सरकार का जमीनी असर: चम्पावत में पशुपालन योजनाओं से सशक्त हुए 31 लाभार्थी”*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में जनपद चम्पावत में संचालित राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” और जनता मिलन कार्यक्रम के प्रभाव अब जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशन में “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”, “जनता मिलन कार्यक्रम” सहित विभिन्न जनसंपर्क अभियानों के माध्यम से जनपद के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निवासरत नागरिकों तक प्रशासन स्वयं पहुँच रहा है। इन कार्यक्रमों के दौरान नागरिकों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं को मौके पर ही संज्ञान में लेकर संबंधित विभागों को त्वरित कार्यवाही हेतु निर्देशित किया जा रहा है।

इन्हीं प्रयासों के अंतर्गत पशुपालन विभाग द्वारा प्राप्त आवेदनों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्यवाही करते हुए उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बकरी पालन योजना एवं ग्राम्य गौसेवक योजना के अंतर्गत कुल 39 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से विभाग द्वारा त्वरित जांच एवं परीक्षण के उपरांत 31 पात्र लाभार्थियों का चयन कर उन्हें योजनाओं से आच्छादित किया गया है।

मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल ने जानकारी देते हुए बताया कि चयनित लाभार्थियों में ग्राम वलाना के दलीप सिंह, ग्राम डुंगरी के नरेंद्रपाल सिंह एवं ग्राम दुबड़जैनल के सुन्दर सिंह को बकरी पालन योजना (10+01) के अंतर्गत लाभान्वित किया गया है। वहीं ग्राम मौराड़ी की रेवती देवी एवं ग्राम बिन्डा तिवारी की माता देवी को महिला बकरी पालन योजना (04+01) से जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त ग्राम चामा के कुँवर सिंह को ग्राम्य गौ-सेवक योजना से लाभान्वित किया गया है। इस प्रकार कुल 31 लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्रदान कर उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार विभाग द्वारा प्राप्त सभी शिकायतों एवं आवेदनों का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है। विभागीय स्तर पर पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुँचे।

इन योजनाओं के प्रभाव से न केवल लाभार्थियों की आजीविका में सुधार हो रहा है, बल्कि स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है और आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस प्रगति हो रही है।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने समस्त विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि जनता से प्राप्त सभी आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण कर पात्र व्यक्तियों को योजनाओं से आच्छादित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी प्रकरणों का निस्तारण निर्धारित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।