चम्पावत, 20 अगस्त 2026 ( *प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त 14 प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण को मिली स्वीकृति* *आपदा प्रभावित हुये विद्यालयों में बहाल होंगी आवश्यक सुविधाएं, विद्यार्थियों को मिलेगा सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण* *एसडीआरएफ मद से 93.08 लाख रूपए की धनराशि स्वीकृत, प्रथम किस्त के रूप में 65.16 लाख रूपए अवमुक्त* मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के आपदा से क्षतिग्रस्त विभागीय एवं सार्वजनिक परिसम्पत्तियों की तात्कालिक मरम्मत एवं पुनर्स्थापना के संबंध में दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रम में जनपद चम्पावत में आपदा से क्षतिग्रस्त प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत एवं पुनर्स्थापना के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशन में आयोजित जनपद स्तरीय मूल्यांकन एवं कार्यकारिणी समिति की बैठक में शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त प्राथमिक विद्यालयों के मरम्मत/पुनर्स्थापन कार्यों के लिए कुल 14 प्रस्तावों को राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) के मानकों के अनुरूप स्वीकृति प्रदान करने की संस्तुति की गई। इन कार्यों के लिए कुल ₹93.081 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग, चम्पावत द्वारा इन कार्यों को संपादित कराया जाएगा। स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष 70 प्रतिशत प्रथम किस्त के रूप में ₹65.156 लाख की धनराशि वित्तीय वर्ष 2026-27 में SDRF के रिकवरी और रिकस्ट्रक्शन मद से अवमुक्त की गई है। इससे प्राकृतिक आपदा से प्रभावित विद्यालय भवनों की आवश्यक मरम्मत एवं पुनर्स्थापना का कार्य तेजी से कराया जा सकेगा। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए। कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और वित्तीय अनुशासन का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वीकृत कार्यों को निर्धारित अवधि में पूरा कर विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आपदा के कारण क्षतिग्रस्त शासकीय परिसम्पत्तियों की शीघ्र बहाली जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। विद्यालयों की मरम्मत एवं पुनर्स्थापना से जहां विद्यार्थियों की शिक्षा व्यवस्था सुचारु होगी, वहीं प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की त्वरित बहाली भी सुनिश्चित होगी। स्वीकृत कार्यों को निर्धारित स्वीकृत लागत में ही पूर्ण किया जाएगा तथा कार्यों की गुणवत्ता, भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी। संबंधित निर्माण इकाई को कार्यों के प्रति पूर्ण उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

चम्पावत, 20 अगस्त 2026 (

*प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त 14 प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण को मिली स्वीकृति*

*आपदा प्रभावित हुये विद्यालयों में बहाल होंगी आवश्यक सुविधाएं, विद्यार्थियों को मिलेगा सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण*

*एसडीआरएफ मद से 93.08 लाख रूपए की धनराशि स्वीकृत, प्रथम किस्त के रूप में 65.16 लाख रूपए अवमुक्त*

मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के आपदा से क्षतिग्रस्त विभागीय एवं सार्वजनिक परिसम्पत्तियों की तात्कालिक मरम्मत एवं पुनर्स्थापना के संबंध में दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रम में जनपद चम्पावत में आपदा से क्षतिग्रस्त प्राथमिक विद्यालयों की मरम्मत एवं पुनर्स्थापना के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशन में आयोजित जनपद स्तरीय मूल्यांकन एवं कार्यकारिणी समिति की बैठक में शिक्षा विभाग के अंतर्गत प्राकृतिक आपदा से क्षतिग्रस्त प्राथमिक विद्यालयों के मरम्मत/पुनर्स्थापन कार्यों के लिए कुल 14 प्रस्तावों को राज्य आपदा मोचन निधि (SDRF) के मानकों के अनुरूप स्वीकृति प्रदान करने की संस्तुति की गई। इन कार्यों के लिए कुल ₹93.081 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है। कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण विभाग, चम्पावत द्वारा इन कार्यों को संपादित कराया जाएगा।

स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष 70 प्रतिशत प्रथम किस्त के रूप में ₹65.156 लाख की धनराशि वित्तीय वर्ष 2026-27 में SDRF के रिकवरी और रिकस्ट्रक्शन मद से अवमुक्त की गई है। इससे प्राकृतिक आपदा से प्रभावित विद्यालय भवनों की आवश्यक मरम्मत एवं पुनर्स्थापना का कार्य तेजी से कराया जा सकेगा।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित मानकों एवं गुणवत्ता के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए। कार्यों में पारदर्शिता, गुणवत्ता और वित्तीय अनुशासन का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। स्वीकृत कार्यों को निर्धारित अवधि में पूरा कर विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि आपदा के कारण क्षतिग्रस्त शासकीय परिसम्पत्तियों की शीघ्र बहाली जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। विद्यालयों की मरम्मत एवं पुनर्स्थापना से जहां विद्यार्थियों की शिक्षा व्यवस्था सुचारु होगी, वहीं प्रभावित क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की त्वरित बहाली भी सुनिश्चित होगी।

स्वीकृत कार्यों को निर्धारित स्वीकृत लागत में ही पूर्ण किया जाएगा तथा कार्यों की गुणवत्ता, भौतिक एवं वित्तीय प्रगति की नियमित निगरानी की जाएगी। संबंधित निर्माण इकाई को कार्यों के प्रति पूर्ण उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।