चम्पावत, 02 अगस्त 2026
*मानेश्वर मंदिर में चला विशेष स्वच्छता अभियान, स्वच्छ एवं प्लास्टिक मुक्त धार्मिक स्थल बनाने का लिया संकल्प*
*मा. उच्च न्यायालय के निर्देशों एवं मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के स्वच्छता अभियान को मिला जनसहभागिता का व्यापक समर्थन*
*मानेश्वर मंदिर में चला व्यापक स्वच्छता अभियान, एक से डेढ़ टन प्लास्टिक कचरा किया गया एकत्रित*
*मानेश्वर धाम में स्वच्छता का महाअभियान, प्रशासन और आमजन ने मिलकर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश*
मा. उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड के निर्देशों तथा माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति दिए गए दिशा-निर्देशों के क्रम में रविवार को मानेश्वर मंदिर परिसर में जिला प्रशासन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, वन विभाग, स्प्रिंग एंड रिवर रिजुवनेशन अथॉरिटी SARRA तथा संबंधित विभागों के संयुक्त सहयोग से विशेष स्वच्छता अभियान आयोजित किया गया।
अभियान का शुभारंभ जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के नेतृत्व में किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि चम्पावत के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को स्वच्छ, सुंदर एवं प्लास्टिक मुक्त बनाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य केवल साफ-सफाई करना ही नहीं, बल्कि आमजन में कचरा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक मुक्त जीवनशैली के प्रति जागरूकता विकसित करना भी है।
अभियान को मानेश्वर मंदिर के पूज्य महंत स्वामी धर्मराजानन्द पुरी महाराज का स्नेहपूर्ण मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त हुआ। उनके नेतृत्व में श्रद्धालुओं की सुविधा तथा मंदिर परिसर की पवित्रता को बनाए रखने के उद्देश्य से व्यापक जनसहभागिता के साथ स्वच्छता अभियान संचालित किया गया। अभियान में लगभग 100 लोगों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए एक से डेढ़ टन तक प्लास्टिक एवं अन्य अपशिष्ट सामग्री एकत्रित कर उसका समुचित निस्तारण सुनिश्चित किया।
इस अवसर पर मंदिर परिसर चल रहें सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से भी स्वच्छ पर्यावरण का सन्देश दिया गया। अधिकारियों एवं समाजसेवियों ने स्थानीय नागरिकों तथा श्रद्धालुओं को स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए प्लास्टिक के उपयोग से बचने और कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने की अपील की।
पूज्य महंत स्वामी धर्मराजानन्द पुरी महाराज ने कहा कि मानेश्वर धाम अत्यंत पवित्र, दिव्य एवं प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण स्थल है। इसकी स्वच्छता एवं गरिमा बनाए रखना प्रत्येक श्रद्धालु और नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे पॉलीथिन, प्लास्टिक की बोतलें एवं अन्य कचरा इधर-उधर न फेंकें तथा मंदिर परिसर को स्वच्छ एवं पवित्र बनाए रखने में अपना सक्रिय सहयोग दें।
जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि ऐसे जनसहभागिता आधारित अभियान स्वच्छता के प्रति सामाजिक चेतना को मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी विभागों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं से धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर नियमित रूप से स्वच्छता अभियान संचालित करने तथा पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी के.एन. गोस्वामी, उपजिलाधिकारी बी.सी. पंत, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटवाल, अधिशासी अधिकारी भरत त्रिपाठी, अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई विमल कुमार सूठा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।



