*मुक्तेश्वर में आयोजित ‘समिट ऑफ यंग फाउंडर्स 2026’ में ग्लोरियस अकादमी के विद्यार्थियों ने दिखाया नेतृत्व और नवाचार का उत्कृष्ट प्रदर्शन*
ग्लोरियस अकादमी, बनबसा के 20 विद्यार्थियों ने मुक्तेश्वर में आयोजित तीन दिवसीय आवासीय ‘समिट ऑफ यंग फाउंडर्स 2026’ में सहभागिता करते हुए नेतृत्व, उद्यमिता तथा सामाजिक नवाचार से जुड़ी व्यवहारिक शिक्षा प्राप्त की।
*क्लेलैब एजुकेशन फाउंडेशन* द्वारा आयोजित इस विशेष शिविर में *स्कूल ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप* से जुड़े चार विद्यालयों के लगभग 110 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को *हार्वर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ एजुकेशन* का सहयोग प्राप्त था।
तीन दिनों तक चले इस आवासीय शिविर में विद्यार्थियों ने केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थानीय लोगों से संवाद किया, सर्वेक्षण किए, समस्याओं की पहचान की तथा उनके समाधान के लिए समूहों में कार्य करते हुए व्यवहारिक परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार की।
शिविर के दौरान विद्यार्थियों को नेतृत्व विकास, उद्यमिता, समस्या समाधान, नवाचारी सोच, सामूहिक कार्य, विचार प्रस्तुतीकरण, सामाजिक सहभागिता तथा प्रभावी अभिव्यक्ति जैसे विषयों पर विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थियों ने अपने विचारों और परियोजनाओं को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करना भी सीखा।
विद्यालय प्रबन्धक रविन्द्र पांडेय ने बताया कि ऐसे अनुभवात्मक कार्यक्रम विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर समाज की वास्तविक समस्याओं को समझने, उनके समाधान खोजने तथा जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं। साथ ही उनमें नेतृत्व क्षमता, रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सहयोग की भावना का भी विकास होता है।
प्रतिभागी विद्यार्थियों ने बताया कि ग्रामीण समुदाय के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझना तथा विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों के साथ मिलकर समाधान तैयार करना इस शिविर का सबसे प्रेरणादायक अनुभव रहा। इससे उनके संवाद कौशल, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक दृष्टिकोण को नई दिशा मिली।
विद्यालय प्रबंधन ने क्लेलैब एजुकेशन फाउंडेशन एवं आयोजन टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा भविष्य के उत्तरदायी नेतृत्व के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।



