*मा. मुख्यमंत्री के ड्रग फ्री देवभूमि के संकल्प की दिशा में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एनकोर्ड समिति की बैठक आयोजित की गयी*

चम्पावत 12 अगस्त 2026

*मा. मुख्यमंत्री के ड्रग फ्री देवभूमि के संकल्प की दिशा में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एनकोर्ड समिति की बैठक आयोजित की गयी*

*एनकोर्ड समिति की बैठक में नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ जनजागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने के निर्देश*

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के “ड्रग फ्री देवभूमि” के संकल्प एवं “नशा मुक्त भारत” अभियान को जनपद में प्रभावी रूप से धरातल पर उतारने के उद्देश्य से बुधवार को जिला कार्यालय सभागार में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में जिला स्तरीय एनकोर्ड (NCORD) समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध कारोबार एवं नशाखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने पुलिस, आबकारी, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में परिणामपरक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध कार्रवाई के साथ ही जागरूकता अभियान को व्यापक बनाया जाए, ताकि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से बचाया जा सके।

जिलाधिकारी ने नशामुक्ति अभियान से युवाओं, महिलाओं एवं साधु-संतों को भी जोड़ते हुए व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में नियमित परामर्श एवं जागरूकता सत्र आयोजित करने तथा युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए।

बैठक में पुलिस विभाग द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में 11 अगस्त तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 42 मामलों में 57 तस्करों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। इस दौरान 903.06 ग्राम हेरोइन/स्मैक, 391 नशीले इंजेक्शन, 1,968 नशीले कैप्सूल तथा 5.215 किलोग्राम चरस बरामद की गई है।अवैध मादक पदार्थों की खेती के विरुद्ध भी लगातार अभियान चलाया जा रहा है। संयुक्त टीमों द्वारा जनपद में 425 नाली क्षेत्र में की जा रही अवैध भांग की खेती को नष्ट किया गया है।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में भांग की खेती नष्ट किए जाने के बाद पुनः अवैध खेती किए जाने की सूचना प्राप्त होती है, वहां संबंधित व्यक्तियों को चिह्नित कर तत्काल एफआईआर दर्ज करते हुए कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

बैठक में बताया गया कि विगत माह जनपद में नशे के दुष्प्रभावों एवं नशामुक्ति को लेकर 32 जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 2,500 से अधिक लोगों ने प्रतिभाग किया। जिलाधिकारी ने इन अभियानों को और व्यापक बनाने तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित नशामुक्ति केंद्रों की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की। उन्होंने वहां रहने वाले लोगों के लिए आवश्यक सामग्री, उपकरण एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की जानकारी लेते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी को सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बस स्टैंड, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अन्य संवेदनशील स्थलों पर पुलिस निगरानी बढ़ाने तथा नशीले पदार्थों की बिक्री एवं तस्करी पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आमजन से अपील की कि नशे के अवैध कारोबार से संबंधित किसी भी सूचना को टोल-फ्री नंबर 1933 अथवा ‘मानस पोर्टल’ के माध्यम से साझा करें। उन्होंने बताया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।

बैठक में डीएफओ श्री ढिनो पुरुषोत्तमन, मुख्य विकास अधिकारी श्री जीएस खाती, सीओ श्रीमती निहारिका सेमवाल, एसएसबी असिस्टेंट कमांडेंट श्री मंजीत यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान, मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री मान सिंह, अपर समाज कल्याण अधिकारी श्री किशन चौहान सहित पुलिस विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।